ॐ जय जगदीश हरे
Piano,dhol,bhada,pad, guitar,bass,baja
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Lyrics
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का ।
स्वामी दुख बिनसे मन का ।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी ।
स्वामी शरण गहूं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता ।
स्वामी तुम पालनकर्ता ।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति ।
स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे ।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे ।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा ।
स्वामी पाप हरो देवा ।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ॥
ॐ जय जगदीश हरे...
तन-मन-धन, सब कुछ है तेरा ।
स्वामी सब कुछ है तेरा ।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा ॥
ॐ जय जगदीश हरे...