चल पड़े थे हम जब पहली बार, ना जाने था कोई रास्ता इस प्यार का, हँसी में भी छुपा था ग़म का साया, पर साथ तुम्हारे मिट गया हर साया। रातों की तन्हाइयों में, जब डर लगे कहीं, तुम्हारी हँसी की वो किरण, जैसे उजाला दे गई। हर मोड़ पर तुम साथ थे, हर मुस्कान में तुम साथ थे, जो भी था जो भी है, दोस्ती में सब खास था। कोरस: दोस्ती का रंग है कुछ अलग सा, जिसमें मिलते हैं दिलों के सपने, ना कोई फासला, ना कोई दूरी, साथ चलें हम, हर मुश्किल दूरी। जब टूटे दिल कहीं, तुमने थामा हाथ मेरा, हर दर्द को चुपके से, कर दिया तुमने सहारा। खुशियों की बारिश हो या, आँसुओं की सौगात, दोस्ती के इस सफर में, हमेशा रही तुम्हारी बात। सपनों के वो पल, जो हमने संजोए, कभी ना होंगे भुलाए, ये वादे निभाए, राह चाहे कितनी भी कठिन हो, तुम्हारे साथ हर कदम मैं चलूँ। कोरस: दोस्ती का रंग है कुछ अलग सा, जिसमें मिलते हैं दिलों के सपने, ना कोई फासला, ना कोई दूरी, साथ चलें हम, हर मुश्किल दूरी। चलो फिर से वो बातें करें, जो दिल को छू जाएं, यादें जो साथ लाई हैं, फिर से जिएं, हँसें, मुस्काएं। दोस्ती नहीं बस एक रिश्ता, ये तो है दिल की आवाज़, जो हर सुकून,