नकाब और हकीकत
Rap music
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Lyrics
यहाँ हर चेहरे पर एक मुखौटा, हर शख्स एक कहानी है,
दिखती है जो शराफत सबको, बस राजों की मेहरबानी है।
आजकल शरीफ वही है, जिसके गुनाह अभी तक छिपे हुए,
वर्ना आईने भी शर्मिंदा हैं, यहाँ सच के चेहरे बिके हुए।
पर तू क्यों डरता है दुनिया से? क्यों औरों सा बन जाता है?
औरों की झूठी वाह-वाही में, क्यों अपना अक्स गँवाता है?
माना कि हर राज़ के पीछे, एक गहरा काला साया है,
पर जीत उसी की होती है, जिसने खुद को सच में पाया है।
उठ, जगा ऊर्जा अपने भीतर, इन राजों की बेड़ियाँ तोड़ दे,
दिखा दे दुनिया को वो साहस, जो तूफानों का रुख मोड़ दे।
तेरी शराफत राज़ नहीं, तेरी रूह की वो पहचान बने,
कि जब भी उठे तू गिरने के बाद, तो खुद एक नया आसमान बने।
मत हो हताश कि जग क्या सोचे, तू अपना रास्ता खुद चुन ले,
बुझती हुई इस आग को तू, फिर से ज्वाला में बुन ले।
वही बनेगा इतिहास यहाँ, जो सच का दामन थामेगा,
झुक जाएगी ये दुनिया भी, जब तू खुद को पहचान लेगा।