मुखड़ा) वो आशीर्वाद वाले हाथ अब सिर पर नहीं, पर आपकी यादों के बिना मेरा कोई घर नहीं। वक़्त ने छीन लिया आपको हमसे दूर, पर दिल में रहेंगे आप बनके रूह का नूर। (अंतरा) आपकी हंसी से खिलता था आँगन हमारा, अब आसमान में ढूंढते हैं आपका सहारा। चले गए आप, छोड़कर हमें यहाँ अकेला, यादों में बसा है अब खुशियों का वो मेला। (ओट्रो) बस एक बार फिर से गले लगा लेना, सपनों में ही सही, अपना चेहरा दिखा देना।
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