उल्टा-देश
Hard-hitting / Sarcastic Rap
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Lyrics
(0:00-0:10) - [Intro: A loud ambulance siren sounded, followed by a 'ding' sound.]
सायरन बजता रह गया, पर रास्ता नहीं मिला,
पिज़्ज़ा गरम आ गया, पर पेशेंट का दम निकल गया!
अजीब है ये मुल्क, और अजीब यहाँ की रीत,
जहाँ सच बोलने वाले की, अक्सर होती हार है और झूठ की जीत!
(0:10-0:30) - [Verse: Fast-paced & Powerful]
गाड़ी लेनी हो तो सात परसेंट (7%) पे सलाम है,
पर पढ़ाई का सपना देखो, तो ग्यारह परसेंट (11%) दाम है!
डिग्री से महँगा यहाँ तेल बिक रहा है,
इंसानियत का सौदा, खुले आम दिख रहा है।
पिज़्ज़ा डिलीवरी वाले को रास्ता सब देते हैं,
पर एम्बुलेंस को लोग, रस्ते में ही घेर लेते हैं!
(0:30-0:50) - [Chorus: Emotional & Angry]
ओलंपिक में गोल्ड लाया, तो तीन करोड़ (3 Cr) की बौछार,
पर सरहद पे सीने पे गोली खाई, तो एक लाख (1 Lakh) का उपहार!
खिलाड़ी के लिए बंगला, और शहीद के लिए बस एक माला?
ये कैसा तराज़ू है, जिसने न्याय को ही मार डाला?
गोली खाने वाले की कीमत, मेडल से भी कम है?
ये सिस्टम नहीं साहब, ये तो देश का ही गम है!
(0:50-1:00) - [Outro: Deep Bass & Fading Beat]
यहाँ हेलमेट न हो तो चालान कटता है हज़ार का,
पर सड़कों पे गड्ढे हों, तो कोई हिसाब नहीं सरकार का!
सोचो... और आवाज़ उठाओ!