Radha Ka Krishna
हिंदी क्लासिकल बैलाड, मध्य गति, क्षितिजी स्वर, कोमल आवाज, सितार और तबला के साथ
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Lyrics
[Intro]
(Instrumental Solo)
[Verse 1]
वृंदावन की कुंज में बसी है राधा की प्रीत
कृष्ण के बिना उसकी जिंदगी है बेकार सी
चांदनी रात में बांसुरी की आवाज आती है
उसका मन उड़ जाता है उस प्यार की ओर
[Pre-Chorus]
हर फूल में उसका स्वरूप देखती है वह
हर हवा में उसकी सांस महसूस करती है वह
[Chorus]
राधा का कृष्ण, कृष्ण की राधा
उनका प्यार है अनमोल, अटूट, अविभाज्य
तेरे बिना जिंदगी से कोई मतलब नहीं
तेरे बिना ये जीवन है बस एक खाली सपना
[Verse 2]
यशोदा के गले से छूट कर वह आता है वहां
राधा के पास, जहां उसका मन बस रहता है
माखन चुराते हुए वह मुस्कुराता है
उसकी मुस्कान में उसकी जिंदगी बसती है
[Pre-Chorus]
हर कदम में उसका साथ चाहती है वह
हर पल में उसका प्यार चाहती है वह
[Chorus]
राधा का कृष्ण, कृष्ण की राधा
उनका प्यार है अनमोल, अटूट, अविभाज्य
तेरे बिना जिंदगी से कोई मतलब नहीं
तेरे बिना ये जीवन है बस एक खाली सपना
[Bridge]
वृंदावन की वन में उनका प्यार बसता है
कभी न टूटेगा ये बंधन, कभी न टूटेगा ये प्यार
[Interlude]
(Instrumental Solo)
[Final Chorus]
राधा का कृष्ण, कृष्ण की राधा
उनका प्यार है अनमोल, अटूट, अविभाज्य
तेरे बिना जिंदगी से कोई मतलब नहीं
तेरे बिना ये जीवन है बस एक खाली सपना
[Outro]
वृंदावन की हवा में उनका प्यार फैलता है
उनका प्यार है अमर, अनंत, अटूट