चौथा-बंदर
Funky / Comedic Hip-Hop
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Lyrics
(Intro - मज़ेदार कार्टून वाली धुन और तेज़ बीट)
(Voiceover: "भैया, ज़माना बदल गया है! तीन पुराने थे, एक नया आ गया है...")
बापू के थे तीन चेले, सीधे और सच्चे,
बुराई से दूर रहते, जैसे छोटे बच्चे।
पर २०२६ (2026) का नज़ारा है भारी,
एक और बंदर की हुई है एंट्री मारो ताली!
(Chorus)
बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो,
बुरा मत बोलो - ये बातें पुरानी।
चौथा है बंदर, हाथ में है मोबाइल,
दुनिया जाए भाड़ में, ये देखता है रील तूफानी!
(हाहाहा... ये है २१वीं सदी का प्राणी!)
(Verse 1 - पुराने तीन बंदर)
पहला बैठा आँखें मीचे— "मैं कुछ नहीं देखूँगा,"
दूसरा कान बंद करके बोले— "मैं कुछ नहीं सुनूँगा।"
तीसरा मुँह पे हाथ रखे— "मैं कुछ नहीं बोलूँगा,"
शांति का ये पाठ, मैं कभी नहीं खोलूँगा।
ये तीनों तो आज भी उसूलों पे पक्के हैं,
पर नए वाले बंदर के तो उड़ रहे छक्के हैं!
(Verse 2 - नया डिजिटल बंदर)
अब आया चौथा, जिसका नाम है 'स्मार्टी',
आँख, नाक, कान खुले— ये है इंटरनेट की पार्टी।
गर्दन झुकी है, अंगूठा है चालू,
इन्स्टा पे रील देख रहा, जैसे हो कोई भालू!
बगल में क्या हो रहा? उसे कुछ पता नहीं,
घर वाले बुला रहे? उसे कुछ सुनाई दे रहा नहीं।
रिलेशनशिप स्टेटस— "In a relationship with WiFi,"
बापू भी सोच रहे— "बेटा, ये क्या किया रे भाई?"
(Bridge - Funny Melodic Slowdown)
ना ये देखता है सच, ना ये सुनता है ज्ञान,
बस ५-जी (5G) के सिग्नल में बसी है इसकी जान।
बुरा देखो, बुरा सुनो, सब कुछ ये 'Share' करेगा,
बैटरी खत्म हुई तो, ये बंदर फिर मरेगा!
(Chorus)
बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो,
बुरा मत बोलो - ये बातें पुरानी।
चौथा है बंदर, हाथ में है मोबाइल,
दुनिया जाए भाड़ में, ये देखता है रील तूफानी!
(Outro - संगीत थोड़ा धीमा और मधुर हो जाता है)
अरे भाई! गर्दन थोड़ी सीधी कर लो, कहीं स्पोंडिलाइटिस न हो जाए,
अपनों को वक्त दे दो, वरना ये पल हाथ से निकल न जाए।
डिजिटल दुनिया अच्छी है, पर असली दुनिया से नाता न तोड़ो,
कभी मोबाइल को रखकर, अपनी रूह से तो रिश्ता जोड़ो!
चौथे बंदर से वापस, इंसान बनके दिखाओ,
स्क्रीन की रोशनी छोड़, अपनों की मुस्कान में खो जाओ।
क्योंकि बापू के तीन बंदर तो रास्ता दिखाते हैं,
पर असली सुख तो वो है, जो हम अपनों के साथ बिताते हैं!
(Final Beat - एक शांत 'Zen' म्यूजिक के साथ खत्म होता है)