मेरे सरकार का शहर कितना प्यारा लगता है,
Arabic Music Sufi
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Lyrics
मेरे सरकार का शहर कितना प्यारा लगता है,
मदीने का हर ज़र्रा सितारा लगता है।
जब ज़िक्र-ए-मुस्तफ़ा होंठों पर आ जाता है,
हर दर्द का मरहम सहारा लगता है।
तेरी रहमत का दरिया बहता रहता है,
हर गुनहगार को किनारा लगता है।
तेरी सुन्नत का उजाला दिल में बस जाए,
हर रास्ता फिर रोशन सितारा लगता है।
मैं खाली हाथ आया हूँ तेरे दर पर,
यहीं से सब कुछ गवारा लगता है।
मेरी आँखों को बस ये मंजर मिल जाए,
Medina का सफर दोबारा लगता है।
मेरे सरकार का शहर कितना प्यारा लगता है,
मदीने का हर ज़र्रा सितारा लगता है।