भीड़ एक भ्रम है, एकांत ही सत्य है
Hindustani
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Lyrics
भीड़ एक भ्रम है, एकांत ही सत्य है
दिखावों के इस बाजार में,
चेहरों का एक सैलाब है,
जो दिखता है वो सच नहीं,
भीड़ बस एक ख्वाब है।
रिश्तों की इस कशमकश में,
अक्स कहीं खो जाता है,
जब शांत होता है कोलाहल,
तब खुद से नाता जुड़ता है।
शोर में केवल शब्द हैं,
मौन में गहरा अर्थ है,
भीड़ तो बस एक छलावा है,
बाकी सब व्यर्थ है।
थक कर जब तू रुकेगा,
अपनी ही बाहों में सोएगा,
तब जानेगा उस परम सच को,
जो एकांत में ही प्राप्त होगा।
भीड़ एक भ्रम है...
एकांत ही शाश्वत सत्य है।